आह्वान आसिल महोৎसवे
Ahvan asilo mahotsabe
प्रकृति
आहवान आसिल महोৎसवे
अम्वरे गम्भीर भेरिरवे॥
पूर्ववाय़ु चले डेके श्यामलेर अभिषेके–
अरण्ये अरण्ये नृत्य हवे॥
निर्झरकल्लोल-कलकले
धरणीर आनन्द उच्छले।
श्रावणेर वीणापाणि मिलालो वर्षणवाणी
कदम्वेर पल्लवे पल्लवे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aahwan aasilo mahotsabe Ambare gambhir bherirabe. Purbobaayu chale deke shyamolero abhisheke - Aronnye aronnye nrityo habe. Nirjharokallolo-kalokale Dharoniro aanondo uchchhale. Shraaboner binaapaani milaalo barshanobaani Kadambero pallabe pallabe.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 10 August 1929(২৬ শ্রাবণ ১৩৩৬)
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