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आज आमार आनन्द देखे के
Aj amar ananda dekhe
नाट्यगीति
आज आमार आनन्द देखे के!
के जाने विदेश हते के एसेछे–
घरे आमार के एसेछे! आकाशे उठेछे चाँदा,
सागर कि थाके वाँधा– वसन्तराय़ेर
प्राणे ढेउ उठेछे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaj aamar aanondo dekhe ke !
Ke jaane bidesh hote ke esechhe -
Gharey aamar ke esechhe ! Aakashe utthechhe chnaada,
Saagor ki thaake bnaadha - basontaraayer praane dheu utthechhe.
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
- स्वरबितान खण्ड
- नोततिओन नोत अवैलब्ले(স্বরলিপি পাওয়া যায়নি)
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