আজ নাহি নাহি নিদ্রা আঁখিপাতে
Aj nahi nahi nidra
Puja
आज नाहि नाहि निद्रा आँखिपाते । तोमार भवनतले हेरि प्रदीप ज्वले, दूरे वाहिरे तिमिरे आमि जेगे जोडहाते ॥ क्रन्दन ध्वनिछे पथहारा पवने, रजनी मूर्छागत विद्युतघाते । द्वार खोलो हे द्वार खोलो— प्रभु, करो दया, देहो देखा दुखराते ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaj naahi naahi nidra aankhipaate. Tomaro bhabonotale heri prodipo jwale, Dure baahire timire aami jaagi jorhaate. Krandano dhwonichhe pathohaara pabone, Rajoni murchhagato bidyutoghaate Dwaar kholo hey dwaar kholo - Probhu, karo daya, deho dekha dukhoraate.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 425(পূজা)
- उप-पर्याय
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- घराना
- Hindustani
- प्रकाशित
- Tatwabodhini Patrika
- स्वरबितान खण्ड
- 36
- स्वरलिपि
- Kangalicharan Sen / Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1909(১৩১৬)
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