आमार यावार वेलाय पिछु डाके
Amar jabar belay
प्रेम
आमार यावार वेलाय पिछु डाके भोरेर आलो मेघेर फाँके फाँके ॥ वादलप्रातेर उदास पाखि ओठे डाकि । वनेर गोपन शाखे शाखे, पिछु डाके ॥ भरा नदी छायार तले छुटे चले— खोँजे काके, पिछु डाके । आमार प्राणेर भितर से के थेके थेके विदायप्रातेर उतलाके पिछु डाके ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar jaabar belay pichhu daake Bhorer aalo megher phnaake phnaake. Baadolpraater udaas paakhi otthe daaki. Boner gopan shaakhe shaakhe, pichhu daake. Bhara nodi chhaayar tale chhute chale - Khnoje kaake, pichhu daake. Aamar praaner bhitar se ke theke theke Bidayipraater utalake pichhu daake.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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