आमाय़ वाँधवे यदि काजेर डोरे
केन पागल कर एमन क'रे?।
वातास आने केन जानि कोन् गगनेर गोपन वाणी,
परानखानि देय़ ये भ'रे॥
सोनार आलो केमने हे, रक्ते नाचे सकल देहे।
कारे पाठाओ क्षणे क्षणे आमार खोला वाताय़ने,
सकल हृदय़ लय़ ये ह'रे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamay bnaadhbe jodi kaajer dore
Keno paagol karo emon kore ?
Baatas aane keno jaani kon gagoner gopan baani,
Parankhaani deye je bhore.
Sonar aalo kemone hey, rakte naache sakol dehe.
Kaare paathao khane khane aamar khola baatayane,
Sakol hriday loy-je hore.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुरदिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain
रचनाकाल
7 April 1914(২৪ চৈত্র ১৩২০)
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