आमि की गान गाव ये भेवे ना पाइ
Ami ki gan gabo
प्रकृति
आमि की गान गाव ये भेवे ना पाइ–
मेघला आकाशे उतला
वातासे खुँजे वेड़ाइ॥
वनेर गाछे गाछे जेगेछे भाषा
भाषाहारा नाचे–
मन ओदेर काछे चञ्चलतार रागिणी
याचे,
सारा
दिन विरामहीन फिरि ये ताइ॥
आमार अङ्गे सुरतरङ्गे डेकेछे वान,
रसेर प्लावने डुविय़ा याइ।
की कथा
रय़ेछे आमार मनेर छाय़ाते
स्वप्नप्रदोषे– आमि तारे ये चाइ॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aami ki gaan gaabo je bhebhe na paai - Meghla aakashe utola baatase khnuje berai. Bonero gaachhe gaachhe jegechhe bhaasha bhaashahaara naache - Mono oder kaachhe chanchalotar raagini jaache, Saaradin biramohin phiri je taai. Aamar ange surotaronge dekechhe baan, Rasher plaabone dubiya jaai. Ki kotha royechhe aamar monero chhaayate Swapnoprodoshe - aami taare je chaai.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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