आमरा दूर आकाशेर नेशाय़ माताल
Amra dur akasher
नाट्यगीति
आमरा दूर आकाशेर नेशाय़ माताल घरभोला सव यत– वकुलवनेर गन्धे आकुल मउमाछिदेर मतो॥ सूर्य ओठार आगे मन आमादेर जागे– वातास थेके भोर-वेलाकार सुर धरि सव कत॥ के देय़ रे हातछानि नील पाहाड़ेर मेघे मेघे, आभास वुझि जानि। पथ ये चले वेँके वेँके अलख-पाने डेके डेके धरा यारे याय़ ना तारि व्याकुल खोँजेइ रत ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamra dur aakasher neshay mataal gharbhola sab jato - Bokuloboner gandhe aakul moumaachhider moto. Surjo otthar aage mon aamader jaage - Baatas theke bhor belakar sur dhori sab kato. Ke dey je haatchhaani Nil paaharer meghe meghe, aabhas bujhi jaani. Path je chale bneke bneke alakh-paane deke deke Dhara jaare jaay na taari byakul khnojei rato.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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