आनन्द तुमि स्वामि
Ananda tumi swami
पूजा
२४०
आनन्द तुमि स्वामि, मङ्गल तुमि,
तुमि हे महासुन्दर, जीवननाथ॥
शोके दुखे तोमारि वाणी जागरण दिवे आनि,
नाशिवे दारुण अवसाद॥
चित मन अर्पिनु तव पदप्रान्ते–
शुभ्रशान्तिशतदल-पुण्यमधु-पाने
चाहि आछे सेवक, तव सुदृष्टिपाते
कवे हवे ए दुखरात प्रभात॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aanondo tumi swaami, mongalo tumi, Tumi hey mahasundar, jibanonaatho. Shoke dukhe tomari baani jaagorano dibe aani, Naashibe daaruno abosad. Chito mono apirnu tabo padopraante - Shubhro shaantishatodal-punyomodhu-paane Chaahi aachhe sebak, tabo sudrishtipaate Kabe habe e dukhoraat probhaat.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1897(১৩০৪)
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