आँधार एल व’ले
Adhar elo bole tai
पूजा
६००
आँधार एल व’ले
ताइ तो घरे उठल आलो ज्वले॥
भुलेछिलेम दिने, राते निलेम चिने–
जेनेछि कार लीला आमार वक्षोदोलार दोले॥
घुमहारा मोर वने
विहङ्गगान जागल क्षणे
क्षणे।
यखन
सकल शव्द हय़ेछे निस्तव्ध
वसन्तवाय़ मोरे जागाय़ पल्लवकल्लोले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aandhar elo bole Taai to ghare utthilo aalo jwole. Bhulechhilem dine, raate nilem chine - Jenechhi kaar lila aamar bokkhodolar dole. Ghumhaara mor bone Bihangogaan jaaglo khane khane. Jakhon sakol shabdo hoyechhe nistabdho Basontobaay more jaagay pallabokallole.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 19 January 1928(৬ মাঘ ১৩৩৪)
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