आसा-याओय़ार माझखाने
Asa jawar majhkhane
पूजा
आसा-याओय़ार माझखाने
एकला
आछ चेय़े काहार पथ-पाने॥
आकाशे ओइ
कालोय़ सोनाय़ श्रावणमेघेर कोणाय़ कोणाय़
आँधार-आलोय़ कोन् खेला ये के जाने
आसा-याओय़ार माझखाने॥
शुकनो पाता
धुलाय़ झरे, नवीन पाताय़ शाखा भरे।
माझे तुमि
आपन-हारा, पाय़ेर काछे जलेर धारा
याय़ चले ओइ अश्रु-भरा कोन् गाने
आसा याओय़ार माझखाने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aasa-jaawar maajkhane Ekla aachho cheye kaahar patho-paane Aakashe oi kaaloy sonay shraabon megher konay konay Aandhar aaloy kon khela je ke jaane Aasa-jaawar maajhkhane. Shukno paata dhulay jhare, nobin paatay shaakha bhare. Maajhe tumi aapon-haara, paayer kaachhe jaler dhaara Jaay chole oi oshru-bhara kon gaane Aasa-jaawar maajhkhane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 2 July 1922(১৮ আষাঢ় ১৩২৯)
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