अग्निशिखा, एसो एसो
Agnisikha eso eso
आनुष्ठानिक
अग्निशिखा, एसो एसो, आनो आनो आलो।
दुःखे सुखे घरे घरे गृहदीप ज्वालो॥
आनो शक्ति, आनो दीप्ति, आनो शान्ति, आनो तृप्ति,
आनो स्निग्ध भालोवासा, आनो नित्य भालो॥
एसो पुण्यपथ वेय़े एसो हे कल्याणी–
शुभ सुप्ति, शुभ जागरण देहो आनि।
दुःखराते मातृवेशे जेगे थाको निर्निमेषे,
आनद-उৎसवे तव शुभ्र हासि ढालो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ognishikha, eso eso, aano aano aalo. Dukkhe sukhe ghare ghare grihodip jwaalo. Aano shokti, aano dipti, aano shaanti, ano tripti, Aano snigdho bhaalobasa, aano nityo bhaalo. Eso punyopatho beye eso hey kolyani - Subho supti, subho jaagorano deho aani. Dukkho raate maatribeshe jege thaako nirnimeshe Aanondo-utsabe tabo subhro haasi dhaalo.
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- आनुष्ठानिक · 17(আনুষ্ঠানিক)
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 17 April 1923(৪ বৈশাখ ১৩৩০)
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