गीत / Prakriti

শ্রাবণের গগনের গায় (আজ শ্রাবণের গগনের গায়)

Prakriti
श्रावणेर गगनेर गाय़   विद्युৎ चमकिय़ा याय़।

   क्षणे क्षणे शर्वरी शिहरिय़ा
उठे,   हाय़॥

       तेमनि
तोमार वाणी   मर्मतले याय़ हानि
सङ्गोपने,

धैरज याय़ ये टुटे,   हाय़॥

   येमन वरषधाराय़   अरण्य आपना
हाराय़   वारे वारे

घन रस-आवरणे

तेमनि तोमार स्मृति   ढेके फेले मोर गीति

निविड़ धारे   आनन्द-वरिषने,   हाय़॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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