गीत / प्रेम और प्रकृति

आमाके ये वाँधवे धरे

amake ye vadhave dhare

प्रेम और प्रकृति
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आमाके ये
वाँधवे धरे, एइ हवे यार साधन–

से कि   अमनि हवे।

      आमार काछे पड़ले वाँधा
सेइ हवे मोर वाँधन–

से कि   अमनि हवे॥

      के आमारे भरसा करे
आनते आपन वशे–

से कि   अमनि हवे।

      आपनाके से करुक-ना
वश, मजुक प्रेमेर रसे–

से कि   अमनि हवे।

      आमाके ये काँदावे तार
भाग्ये आछे काँदन–

        से
कि   अमनि हवे॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।