अरूपवीणा रूपेर आड़ाले लुकिय़े वाजे
Arup bina ruper arale
पूजा
३४७
अरूपवीणा रूपेर आड़ाले लुकिय़े वाजे,
से वीणा आजि उठिल वाजि हृदय़माझे॥
भुवन आमार भरिल सुरे,
भेद घुचे याय़ निकटे दूरे,
सेइ रागिणी लेगेछे आमार सकल काजे॥
हाते-पाओय़ार चोखे-चाओय़ार सकल वाँधन
गेल केटे आज, सफल हल सकल काँदन।
सुरेर रसे हारिय़े
याओय़ा सेइ तो देखा, सेइ तो पाओय़ा–
विरह मिलन मिले गेल आज समान साजे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Arupo bina ruper aarale lukiye baaje, Se beena aaji utthilo baaji hridayomaajhe. Bhuban aamar bhorilo sure, Bhed ghuche jaay nikate dure, Sei raagini legechhe aamar sakol kaaje. Haate paawar chokhe chaawar sakol bnaadhon, Gelo kete aaj, saphal holo sakal knaadon. Surer rase haariye jaawa Sei to dekha, sei to paawa, Biraho milon mile gelo aaj saman saaje.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1920(১৩২৭)
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