भोर हल विभावरी, पथ हल अवसान
Bhor holo bibhabori
पूजा
२७०
भोर हल विभावरी, पथ हल अवसान–
शुन ओइ लोके लोके उठे आलोकेरइ गान॥
धन्य हलि ओरे पान्थ रजनीजागरक्लान्त,
धन्य हल मरि मरि धुलाय़ धूसर प्राण॥
वनेर कोलेर काछे समीरण जागिय़ाछे,
मधुभिक्षु सारे सारे आगत कुञ्जेर द्वारे।
हल तव यात्रा सारा, मोछो मोछो अश्रुधारा
लज्जा भय़ गेल झरि, घुचिल रे अभिमान॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Bhor holo bibhaboree, path holo abosan. Shuno oi loke loke utthe aalokerai gaan. Dhonyo holi ore pantho rajonee-jaagoro-klaanto, Dhonyo holo mori mori dhulay dhusar praan. Boner koler kaachhe someeran jaagiyachhe, Modhubhikkhu saare saare aagato kunjer dwaare. Holo tabo jaatra saara, mochho mochho oshrudhaara, Lajja bhoy gelo jhori, ghuchilo re obhiman.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1910(১৩১৭)
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