वुकेर वसन छिँडे फेले दाँडियेछे एइ प्रभातखानि
Buker bason chhire
प्रेम और प्रकृति
वुकेर वसन छिँडे फेले दाँडियेछे एइ प्रभातखानि । आकाशेते सोनार आलोय छडिये गेल ताहार वाणी । ओरे मन, खुले दे मन, या आछे तोर खुले दे - अन्तरे या डुवे आछे आलोक-पाने तुले दे । आनन्दे सव वाधा टुटे सवार साथे ओठ् रे फुटे - चोखेर 'परे आलस-भरे राखिस ने आर आँचल टानि ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Buker basan chhnire phele dnaariyechhe ei probhatokhani. Aakashete sonar aaloy chhoriye gelo taahar baani. Ore khule de mon, ja aachhe tor khule de - Antare ja dube aachhe aalok-paane tule de. Aanonde sab baadha tute sabar saathe otth re phute - Chokher paare aalas-bhare raakhis ne aar aanchal taani.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1906(১৩১৩)
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