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ব্যাকুল প্রাণ কোথা সুদূরে ফিরে
Byakul pran kotha
Puja
४३७
व्याकुल प्राण कोथा सुदूरे फिरे–
डाकि लहो, प्रभु, तव भवनमाझे
भवपारे सुधासिन्धुतीरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Byakul praan kotha sudure phire -
Daaki laho probhu tabo bhabonomaajhe
Bhabopare sudhasindhutire.
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
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