चैत्रपवने मम चित्तवने
Chaitropabone mamo
प्रेम
चैत्रपवने मम चित्तवने
वाणीमञ्जरी सञ्चलिता
ओगो ललिता॥
यदि विजने दिन वहे याय़ खर तपने
झरे पड़े हाय़
अनादरे हवे धूलिदलिता
ओगो ललिता॥
तोमार लागिय़ा आछि पथ चाहि
– वुझि वेला आर नाहि नाहि
वनछाय़ाते तारे देखा दाओ, करुण हाते तुले निय़े याओ –
कन्ठहारे करो सङ्कलिता
ओगो ललिता॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Choitropabone mamo chittobone baanimanjori sancholita Ogo lolita. Jodi bijane din bohe jaay, kharo tapone jhore pore haay, Anaadare hobe dhulidolita Ogo lolita. Tomar laagiya aachhi patho chaahi - bhuji bela aar naahi naahi. Bonochhaayate taare dekha daao, koruno haate tule niye jaao - Kanthohaare karo sankolita Ogo lolita.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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