धरणीर गगनेर मिलनेर छन्दे
Dharanir gagoner milaner
प्रकृति
धरणीर गगनेर मिलनेर छन्दे वादलवातास माते मालतीर गन्धे ॥ उৎसवसभा-माझे श्रावणेर वीणा वाजे, शिहरे श्यामल माटि प्राणेर आनन्दे ॥ दुइ कूल आवुलिया अधीर विभङ्गे नाचन उठिल जेगे नदीर तरङ्गे । काँपिछे वनेर हिया वरषने मुखरिया, विजलि झलिया ओठे नवघनमन्द्रे ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dharonir gagoner miloner chhande Baadolbaatash maate maalotir gandhe. Utsab sobha maajhe shraboner bina baaje Shihore shyamal maati praaner aanonde. Dui kul aakuliya adhiro bibhonge Naachon utthilo jege nodir taronge. Knaapichhe boner hiya baroshane mukhoriya, Bijoli jholiya otthe naboghanomondre.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
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- 1924(১৩৩১)
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