गीत / पूजा

डुवि अमृतपाथारे– याइ भुले चराचर

Dubi amritapathare

पूजा
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डुवि अमृतपाथारे– याइ भुले चराचर,

मिलाय़ रवि शशी॥

नाहि देश, नाहि काल, नाहि हेरि सीमा–

प्रेममुरति हृदय़े जागे,

आनन्द नाहि धरे॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Dubi amritopaathate -   jaai bhule characharo,
Milay robi shoshi.
Naahi desh, naahi kaal, naahi heri sima -
Premomuroti hridaye jaage,
Aanondo naahi dhare.