দুঃখ এ নয়, সুখ নহে গো
Dukkho e noy
Puja O Prarthana
दुःख ए नय़, सुख नहे गो– गभीर शान्ति ए ये आमार सकल छाड़िय़े गिय़े उठल कोथाय़ वेजे॥ छाड़िय़े गृह, छाड़िय़े आराम, छाड़िय़े आपनारे साथे करे निल आमाय़ जन्ममरणपारे– एल पथिक सेजे॥ चरणे तार निखिल भुवन नीरव गगनेते आलो-आँधार आँचलखानि आसन दिल पेते। एत कालेर भय़ भावना कोथाय़ ये याय़ सरे, भालोमन्द भाङाचोरा आलोय़ ओठे भ’रे– कालिमा याय़ मेजे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dukhha e noy sukh nahe go - gobhir shaanti e je Amar sakol chhaariye giye utthlo kothay beje. Chhaariye griho, chhaariye aaram, chhaariye aapanare Saathe kore nilo aamay janmomaronopaare - Elo pothik seje. Charone taar nikhilo bhuban nirabo gagonete Aalo-aandhar aanchalkhani aason dilo pete. Eto kaaler bhoy bhaabona kothay je jaay sare, Bhaalomondo bhaangachora aaloy otthe bhore - Kaalima jaay meje.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja O Prarthana · 73(পূজা ও প্রার্থনা)
- संकलन
- Geetali
- स्थान
- Shantiniketan
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 2 October 1914(১৬ আশ্বিন ১৩২১)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?