ए आवरण क्षय हवे गो क्षय हवे,
E aboron khoy hobe
पूजा
ए आवरण क्षय हवे गो क्षय हवे, ए देहमन भूमानन्दमय हवे ॥ चक्षे आमार मायार छाया टुटवे गो, विश्वकमल प्राणे आमार फुटवे गो, ए जीवने तोमारि, नाथ, जय हवे ॥ रक्त आमार विश्वताले नाचवे ये, हृदय आमार विपुल प्राणे वाँचवे ये, काँपवे तोमार आलो-वीणार तारे से, दुलवे तोमार तारामणिर हारे से, वासना तार छडिये गिये लय हवे ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
E aaboran khoy habe go khoy habe, E dehomon bhumanandomoy habe. Chokkhe aamar maayar chhaaya tutbe go, Bishwokamol praane aamar phutbe go, E jibane tomari, naath, joy habe. Rakto aamar bishwotaale naachbe je, Hridoy aamar bipul praane bnaachbe je Knaapbe tomar aalo-binar taare se, Dulbe tomar taaramonir haare se, Baasona taar chhoriye loy habe.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 4 October 1914(১৮ আশ্বিন ১৩২১)
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