एवार दुःख आमार असीम पाथार
Ebar dukkho amar
पूजा
१९५
एवार दुःख आमार असीम पाथार पार हल ये, पार हल।
तोमार पाय़े एसे ठेकल शेषे, सकल सुखेर सार हल॥
एत दिन नय़नधारा वय़ेछे वाँधनहारा,
केन वय़ पाइ नि ये तार कूलकिनारा–
आज गाँथल के सेइ अश्रुमाला, तोमार गलार हार हल॥
तोमार साँझेर तारा डाकल आमाय़ यखन अन्धकार हल।
विरहेर व्यथाखानि खुँजे तो पाय़ नि वाणी,
एत दिन नीरव छिल शरम मानि–
आज परश पेय़े उठल गेय़े, तोमार वीणार तार हल॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ebaar dukkho aamar asim pathar paar holo je, paar holo. Tomar paaye ese ttheklo sheshe, sakol sukher saar holo. Eto din nayonodhaara boyechhe bnaadhonhaara, Keno boy paai ne je taar kulkinara, Aaj gnaathlo ke sei oshrumaala, tomar galar haar holo. Tomar snaajher taara daaklo aamay jakhon andhokar holo. Biraher byathakhaani khnuje to paay ni baani, Eto din nirab chhilo sharom maani - Aaj parosh peye utthlo geye, tomar binar taar holo.
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- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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