एसो एसो एसो प्राणेर उৎसवे
Eso eso praner utsabe
आनुष्ठानिक
१८ एसो एसो एसो प्राणेर उৎसवे, दक्षिणवाय़ुर वेणुरवे। पाखिर प्रभाती गाने एसो एसो पुण्यस्नाने आलोकेर अमृतनिर्झरे॥ एसो एसो तुमि उदासीन। एसो एसो तुमि दिशाहीन। प्रिय़ेरे वरिते हवे, वरमाल्य आनो तवे– दक्षिणा दक्षिण तव करे॥ दुःख आछे अपेक्षिय़ा द्वारे– वीर, तुमि वक्षे लहो तारे। पथेर कन्टक दलि एसो चलि, एसो चलि झटिकार मेघमन्द्रस्वरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Eso eso praaner utsabe, Dokkhinobaayur benurabe. Paakhir probhati gaane eso eso punyosnaane Aaloker amritonirjhare. Eso eso tumi udaasin. Eso eso tumi dishaheen. Priyere borite hobe, baromaalyo aano tabe - Dokkhina dokkhin tabo kare. Dukkho aachhe apekkhiya dwaare - Bir, tumi bokkhe laho taare. Pather kantok doli, eso choli, eso choli Jhotikar meghomandrosware.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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