एसो नीपवने छाय़ावीथितले
Eso nipobone chayabithitale
प्रकृति
एसो नीपवने छाय़ावीथितले, एसो करो स्नान नवधाराजले॥ दाओ आकुलिय़ा घन कालो केश, परो देह घेरि मेघनील वेश– काजलनय़ने, यूथीमाला गले, एसो नीपवने छाय़ावीथितले॥ आजि क्षणे क्षणे हासिखानि, सखी, अधरे नय़ने उठुक चमकि। मल्लारगाने तव मधुस्वरे दिक् वाणी आनि वनमर्मरे। घनवरिषने जलकलकले एसो नीपवने छाय़ावीथितले॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Eso nipobone chhaayabithitale, eso karo snaan nabodhaarajale. Daao aakulia ghano kaalo kesh, paro deho gheri meghonilo besh - Kaajolonayone, juthimaala gole, eso nipobone chhaayabithitale. Aaji khane khane haasikhaani, sokhi, adhore nayone utthuk chamoki. Mollarogane tabo modhusware dik baani aani banomarmare. Ghanoborishone jalokalokale eso nipobone chhaayabithitale.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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