गीत / Bichitra

এবার যমের দুয়োর খোলা পেয়ে (যমের দুয়োর খোলা পেয়ে)

Bichitra
एवार  यमेर दुय़ोर खोला पेय़े  छुटेछे सव छेले मेय़े।

हरिवोल हरि वोल हरिवोल॥

राज्य जुड़े मस्त खेला,  मरण-वाँचन-अवहेला–

ओ भाइ,  सवाइ मिले प्राणटा दिले सुख आछे कि मरार चेय़े।

हरिवोल हरि वोल हरिवोल॥

वेजेछे ढोल, वेजेछे ढाक,  घरे घरे पड़ेछे डाक,

एखन  काजकर्म चुलोते याक–केजो लोक सव आय़ रे धेय़े।

हरिवोल हरि वोल हरिवोल॥

राजा प्रजा हवे जड़ो  थाकवे ना आर छोटो वड़ो–

एकइ  स्रोतेर मुखे भासवे सुखे वैतरणीर नदी वेय़े।

हरिवोल हरि वोल  हरिवोल॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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