गगने गगने आपनार मने
Gagone gagone aponar
प्रकृति
गगने गगने
आपनार मने की खेला तव।
तुमि कत
वेशे निमेषे निमेषे नितुइ नव॥
जटार गभीरे लुकाले रविरे, छाय़ापटे आँक ए कोन् छवि रे।
मेघमल्लारे
की वल आमारे केमने कव॥
वैशाखी
झड़े से दिनेर सेइ अट्टहासि
गुरुगुरु
सुरे कोन् दूरे दूरे याय़ ये भासि।
से सोनार आलो श्यामले मिशालो– श्वेत उत्तरी आज केन कालो॥
लुकाले
छाय़ाय़ मेघेर माय़ाय़ की वैभव॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Gagone gagone aaponar mone Ki khela tabo. Tumi kato beshe nimeshe nimeshe Nitui nabo. Jotar gobhire lukale robire, Chhaayapote aanko e kon chhobire. Meghomallare ki bolo aamare Kemone kabo. Boishakhi jhore se diner sei Attohaasi Guruguru sure kon dure dure Jaay je bhaasi. Se sonar aalo shyamole mishalo – Shweto uttori aaj keno kaalo. Lukale chhaayay meghero maayay Ki boibhob.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 27 February 1927(১৫ ফাল্গুন ১৩৩৩)
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