हे महादुःख, हे रुद्र, हे भयङ्कर, ओहे शङ्कर, हे प्रलयङ्कर
He mahadukkho he rudro
पूजा
हे महादुःख, हे रुद्र, हे भयङ्कर, ओहे शङ्कर, हे प्रलयङ्कर । होक जटानिःसूत अग्निभुजङ्गम दंशने जर्जर स्थावर जङ्गम, घन घन झन झन झननन झननन पिनाक टङ्करो ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Hey mahadukkho, hey rudro, hey bhayankar, ohe shankar, hey prolayankar. Hok jatanishrito ognibhujangam dangshane jarjar sthaabar jangam, Ghano ghano jhan jhan jhananan jhananan pinaak tangkaro.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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