गीत / नाट्यगीति

झर झर रक्त झरे काटा मुण्ड वेय़े

Jharo jharo rakto jhare

नाट्यगीति
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झर झर रक्त झरे काटा मुण्ड वेय़े।

                   धरणी
राङा हल रक्ते नेय़े॥

डाकिनी   नृत्य करे
प्रसाद   -रक्त-तरे—

तृषित    भक्त तोमार आछे चेय़े॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Jharo jharo rakto jhare kaata mundu beye
Dharoni raanga holo rakte neye.
Daakini nrityo kare prosad -rakto-tare -
Trishito bhakto tomar aachhe cheye.