गीत / नाट्यगीति

योगी हे, के तुमि हृदि-आसने

Jogi he ke tumi

नाट्यगीति
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योगी हे, के तुमि हृदि-आसने!

विभूतिभूषित शुभ्र देह,  नाचिछ दिक्-वसने॥

महा-आनन्दे पुलक काय़,  गङ्गा उथलि उछलि याय़,

भाले शिशुशशी हासिय़ा चाय़—

जटाजूट छाय़ गगने॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Jogi hey, ke tumi hridi aasane !
Bibhutibhushito shubhro deho, naachichho dik-basone.
Maha aanonde pulako kaay, ganga utholi uchholi jaay,
Bhaale shishushoshi haasiya chaay -
Jatajuto chhaay gagone.