काहार गलाय़ परावि गानेर
Kahar golay porabi
प्रेम
काहार गलाय परावि गानेर रतनहार, ताइ कि वीणाय लागालि यतने नूतन तार ॥ कानन परेछे श्यामल दुकूल, आमेर शाखाते नूतन मुकूल, नवीनेर माया करिल आकूल हिया तोमार ॥ ये कथा तोमार कोनो दिन आर हय नि वला नाहि जानि कारे ताइ वलिवारे करे उतला ! दखिनपवने विह्वला धरा काकलिकुजने हयेछे मुखरा, आजि निखिलेर वाणीमन्दिरे खुलेछे द्वार ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kaahar galay porabi gaaner ratanohaar, Taai ki binay laagali jatone nutan taar. Kaanon porechhe shymol dukul, aamer shaakhate nutan mukul, Nobiner maaya korilo aakul hiya tomar. Je katha tomar kono din aar hoy ni bala Naahi jaani kaare taai bolibare kore utala ! Dokhinopabone biwhala dhara kaakalikujano hoyechhe mukhara, Aaji nikhiler baanimondire khulechhe dwaar.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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