মরি লো) কার বাঁশি নিশিভারে বাজিল মোর প্রাণে
Kar bashi nishibhore
Prakriti
मरि लो) कार वाँशि निशिभारे वाजिल मोर प्राणे फुटे दिगन्ते अरुणकिरणकलिका ॥ शरतेर आलोते सुन्दर आसे, धरणीर आँखि ये शिशिरे भासे, हृदयकुञ्जे मृण्मुरि मधुर शेफालिका ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mori lo) Kaar bnaashi nishibhore baajilo more praane Phute digante orunokiranokolika. Sharoter aalote sundoro aase, Dharonir aankhi je shishire bhaase, Hridayokunjobone munjorilo modhuro shephalika.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prakriti · 164(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- Sharat
- राग
- Ashabari
- ताल
- Tritaal(ত্রিতাল)
- संकलन
- Shesh Barshan
- प्रकाशित
- Shantiniketan Patrika
- स्वरबितान खण्ड
- 2
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?