के याय़ अमृतधामयात्री
Ke jay amritadhamjatri
पूजा
२५२
के याय़ अमृतधामयात्री !
आजि ए गहन तिमिररात्रि,
काँपे नभ जय़गाने॥
आनन्दरव श्रवणे लागे, सुप्त हृदय़ चमकि जागे,
चाहि देखे पथपाने॥
ओगो रहो रहो, मोरे डाकि लहो, कहो आश्वासवाणी।
याव अहरह साथे साथे
सुखे दुखे शोके दिवसे राते
अपराजित प्राणे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ke jaay amritodhaamjaatri. Aaji e gahono timiroraatri, Knaape nabho jayogaane. Aanondorab shrobane laage, supto hridayo chamoki jaage, Chaahi dekhe pathopaane. Ogo raho raho, more daaki laho kaho aashwasbaani. Jabo ahoroho saathe saathe Sukhe dukhe shoke dibose raate Aparajito praane.
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