के) रङ लागाले वने वने (रङ लागाले वने वने)
Ke rong lagale
प्रकृति
के) रङ लागाले वने वने!
ढेउ
जागाले समीरणे॥
आज भुवनेर दुय़ार खोला दोल दिय़ेछे वनेर दोला–
दे दोल! दे दोल! दे दोल!
कोन् भोला से भावे-भोला खेलाय़
प्राङ्गणे॥
आन् वाँशि– आन् रे तोर आन् रे वाँशि,
उठल सुर उच्छ्वासि फागुन-वातासे।
आज दे छड़िय़े छड़िय़े
शेष वेलाकार कान्ना हासि–
सन्ध्याकाशेर वुक-फाटा सुर विदाय़-राति करवे मधुर,
मातल आजि अस्तसागर सुरेर प्लावने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ke) Rong laagale bone bone. Dheu jaagale somirone. Aaj bhuboner duwar khola dol diyechhe boner dola - De dol ! De dol ! De dol ! Kon bhola se bhaabe-bhola khelay praangone. Aan bnaashi aan re tor aan re bnaashi, Utthlo sur uchchhwasi phaagun- baatase. Aaj de chhoriye shes belakar kaanna haasi - Sondhyakaasher buk phaata sur biday raati korbe modhur, Maatlo aaji astosaagor surer plaabone.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1927(১৩৩৪)
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