कोन् से झडेर डुल झरिये दिल फुल,
Kon se jhorer bhul 2
मायार खेला
कोन् से झडेर डुल झरिये दिल फुल, प्रथम येमनि तरुण माधुरी मेलेछिल ए मुकुल । नव प्रभातेर तारा सन्ध्यावेलाय हयेछे पथहारा । अमरावतीर सुरयुवतीर ए छिल कानेर दुल । ए ये मुकुटशोभार धन— हाय गो दरदी केह थाक यदि, शिरे दाओ परशन । ए कि स्रोते यावे भेसे दूर दयाहीन देशे— जानि ने, के जाने दिन-अवसाने कोन्खाने पावे कुल ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kon se jhorer bhul jhoriye dilo phul, Prothom jemoni toruno maadhuri melechhilo e mukul. Nabo probhatero taara Sondhyabelay hoyechhe pathohaara. Amorabotir surojubotir e chhilo kaaner dul. E je mukutoshobhar dhan. Haay go darodi keho thaako jodi shire daao paroshon. E ki srote jaabe bhese - dur dayaahin deshe Jaani ne, ke jaane din-abosane konkhane paabe kul.
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- पर्याय
- मायार खेला(মায়ার খেলা)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ६१(স্বরবিতান ৬১)
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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