कठिन लोहा कठिन घुमे छिल अचेतन
Kothin loha kothin
विचित्र
कठिन लोहा कठिन घुमे छिल अचेतन, ओ तार घुम भाङाइनु रे । लक्ष युगेर अन्धकारे छिल सङ्गोपन, ओगो, ताय जागाइनु रे ॥ पोष मेनेछे हातेर तले या वलाइ से तेमनि वले— दीर्घ दिनेर मौन ताहार आज भागाइनु रे ॥ अचल छिल, सचल हये छुटेछे ओइ जगৎ-जये— निर्भये आज दुइ हाते तार राश वागाइनु रे ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kotthin loha kothin ghume chhilo achetan, o taar ghum bhaangainu re. Lokkho juger andhokare chhilo sangopan, ogo, taai jaagainu re. Posh menechhe haater tale jaa balaai se temni bale - Dirgho diner mouna taahar aaj bhaagainu re. Achal chhilo, sachal hoye chhutechhe oi jagot-joye - Nirbhaye aaj dui haate taar raash baagainu re.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- विचित्र · 129(বিচিত্র)
- राग
- बौल्-सुर(বাউল-সুর)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- शास्त्रीय और क्षेत्रीय रूप(শাস্ত্রীয় ও আঞ্চলিক রূপ)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५२(স্বরবিতান ৫২)
- स्वरलिपि
- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1911(১৩১৮)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।