गीत / Puja

লক্ষ্মী যখন আসবে তখন

Puja
लक्ष्मी  यखन आसवे तखन  कोथाय़ तारे  दिवि रे ठाँइ?

          देख्  रे चेय़े आपन-पाने,  पद्मटि नाइ, पद्मटि  नाइ॥

       फिरछे  केँदे  प्रभातवातास,     आलोक  ये तार म्लान  हताश,

          मुखे  चेय़े आकाश  तोरे शुधाय़  आजि नीरवे  ताइ॥

          कत  गोपन आशा निय़े  कोन् से गहन  रात्रिशेषे

          अगाध  जलेर तला हते  अमल कुँड़ि उठल  भेसे।

       हल ना  तार फुटे ओठा,   कखन  भेङे पड़ल  वोँटा–

          मर्त-काछे  स्वर्ग या चाय़  सेइ माधुरी  कोथा रे पाइ॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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