मरणसागरपारे तोमरा अमर
Maronsagaropare tomra
पूजा
६१३
मरणसागरपारे तोमरा अमर,
तोमादेर स्मरि।
निखिले रचिय़ा गेले आपनारइ घर,
तोमादेर स्मरि॥
संसारे ज्वेले गेले ये नव आलोक
जय़ होक, जय़ होक, तारि जय़ होक–
तोमादेर स्मरि॥
वन्दीरे दिय़े गेछ मुक्तिर सुधा,
तोमादेर स्मरि।
सत्येर वरमाले साजाले वसुधा,
तोमादेर स्मरि।
रेखे गेले वाणी से ये अभय़ अशोक,
जय़ होक, जय़ होक, तारि जय़ होक–
तोमादेर स्मरि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Maronosagoropaare tomra amar, Tomader smori. Nikhile rochiya gele aponari ghar, Tomader smori. Songsar jwele gele je nabo alok Joy hok, joy hok, taari joy hok - Tomader smori. Bondire diye gechho muktir sudha, Tomader smori. Sotyer baromaale saajale bosudha, Tomader smori. Rekhe gele baani se je abhoy ashok, Joy hok, joy hok, taari joy hok - Tomader smori.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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