मन ये वले चिनि चिनि
Mon je bole chini chini
प्रकृति
मन ये वले चिनि चिनि ये गन्ध वय़ एइ समीरे। के ओरे कय़ विदेशिनी चैत्ररातेर चामेलिरे॥ रक्ते रेखे गेछे भाषा, स्वप्ने छिल याओय़ा-आसा– कोन् युगे कोन् हाओय़ार पथे, कोन् वने, कोन् सिन्धुतीरे। एइ सुदूरे परवासे ओर वाँशि आज प्राणे आसे। मोर पुरातन दिनेर पाखि डाक शुने तार उठल डाकि, चित्ततले जागिय़े तोले अश्रुजलेर भैरवीरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mon je bale, chini chini je gandho boy ei somire. Ke ore koy bidesini choitroraater chaamelire. Rakte rekhe gechhe bhaasha, Swapne chhilo jaawa-aasa - Kon juger kon haawar pathe, kon bone, kon sindhutire. Ei sudure parobaase Or baasi aaj praane aase. Mor puratan diner paakhi Daak sune taar utthlo daaki, Chittotale jaagiye tole aashrujaler bhoirabire.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1929(১৩৩৬)
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