मरि लो) कार वाँशि निशिभारे वाजिल मोर प्राणे
Mori lo kar bashi
प्रकृति
मरि लो) कार वाँशि निशिभारे वाजिल मोर प्राणे फुटे दिगन्ते अरुणकिरणकलिका ॥ शरतेर आलोते सुन्दर आसे, धरणीर आँखि ये शिशिरे भासे, हृदयकुञ्जे मूञ्जरिल मधुर शेफालिका ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mori lo) Kaar bnaashi nishibhore baajilo more praane Phute digante orunokiranokolika. Sharoter aalote sundoro aase, Dharonir aankhi je shishire bhaase, Hridayokunjobone munjorilo modhuro shephalika.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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