ना वले याय़ पाछे से
Na bole jay pachhe se
प्रेम
ना वले याय़ पाछे
से आँखि मोर घुम ना जाने।
काछे तार रइ,
तवुओ व्यथा ये रय़ पराने॥
ये पथिक पथेर भुले एल मोर प्राणेर कूले
पाछे तार भुल भेङे याय़, चले याय़
कोन् उजाने॥
एल येइ एल आमार आगल टुटे,
खोला द्वार दिय़े आवार यावे छुटे।
खेय़ालेर हाओय़ा
लेगे ये ख्यापा ओठे जेगे
से कि आर सेइ अवेलाय़ मिनतिर वाधा माने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Naa bole jaay paachhe se aankhi mor ghum naa jaane. Kaachhe taar roi, tobuo byatha je roy paraane. Je pothik pather bhule elo mor praaner kule Paachhe taar bhul bhenge jaay, chole jaay kon ujaane. Elo jei elo aamar aagal tute, Khola dwaar diye aabar jaabe chhute, Kheyaler haawa lege je khyepa otthe jege Se ki aar sei abelay minotir baadha maane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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