नाहय़ तोमार या हय़ेछे ताइ हल
Nahoy tomar ja hoyechhe
विचित्र
नाहय़ तोमार या हय़ेछे ताइ हल।
आरो किछु नाइ हल, नाइ हल, नाइ हल॥
केउ या कभु
देय़ ना फाँकि सेइटुकु तोर थाक्-ना वाकि,
पथेइ ना हय़ ठाँइ हल॥
चल् रे सोजा वीणार तारे घा दिय़े,
डाइने वाँय़े दृष्टि तोमार ना दिय़े।
हारिय़े
चलिस पिछनेरे, सामने या पास कुड़िय़े ने रे–
खेद की रे तोर याइ हल॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Naahoy tomar ja hoyechhe taai holo. Aaro kichhu naai holo, naai holo, naai holo. Keu ja kobhu dey na phnaaki seituku tor thaak-na baaki, Pathei na hoy thnaai holo. Chal re soja binar taare ghaa diye, Daaine bnaaye dristi tomar na diye. Haariye cholis pichhanere, saamne ja paas kuriye ne re - Khed ki re tor jaai holo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 12 April 1916(২৯ চৈত্র ১৩২২)
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