नमो नमो शचीचितरञ्जन, सन्तापभञ्जन
Namo namo shachichitaranjan
नाट्यगीति
नमो नमो शचीचितरञ्जन, सन्तापभञ्जन- नवजलधरकान्ति, घननील-अञ्जन– नमो हे, नमो नमो॥ नन्दनवीथिर छाय़े तव पदपाते नव पारिजाते उड़े परिमल मधुराते– नमो हे, नमो नमो। तोमार कटाक्षेर छन्दे मेनकार मञ्जीरवन्धे जेगे उठे गुञ्जन मधुकरगञ्जन– नमो हे, नमो नमो॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Namo namo shochichitoranjano, santapobhanjano - Nabojalodharokaanti, ghanonil-anjan-namo hey, namo namo. Nandanobithir chhaaye tabo padopaate nabo paarijate Ure porimal modhuraate - namo hey, namo namo. Tomar katakkher chhande menokar monjirobandhe Jege otthe gunjan modhukaroganjano - namo hey, namo namo.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- नाट्यगीति · 113(নাট্যগীতি)
- राग
- इमन्-भुपलि(ইমন-ভূপালী)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- संकलन
- श्रापमोचन(শাপমোচন)
- प्रकाशित
- प्रोबसि(প্রবাসী)
- स्थान
- पानदुरा, श्रीलंका(পানাদুরা, শ্রীলঙ্কা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५३(স্বরবিতান ৫৩)
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 9 May 1934(১৩৪১)
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