नित्य नव सत्य तव शुभ्र आलोकमय़
परिपूर्ण ज्ञानमय़
कवे हवे विभासित मम चित्त-आकाशे॥
रय़ेछि वसि दीर्घनिशि
चाहिय़ा उदय़दिशि
ऊर्ध्वमुखे करपुटे–
नवसुख-नवप्राण-नवदिवा-आशे॥
की देखिव, की जानिव,
ना
जानि से की आनन्द–
नूतन आलोक आपन मनोमाझे।
से आलोके महासुखे
आपन आलय़मुखे
चले याव गान गाहि–
के रहिवे आर दूर परवासे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Nityo nabo sotyo tabo subhro alokmoy
Poripurno gyanomoy
Kobe hobe bibhasito mamo chitto-aakashe ?
Royechhi bosi dirghonishi
Chaahiya udayodishi
Urdhomukhe karopute -
Nabosukho-nabopraan-nabodiba-aashe.
Ki dekhibo, ki jaanibo,
Na jaani se ki anondo -
Notun aalok aapon monomaajhe.
Se aaloke mahasukhe
Aapon aalaymukhe
Chole jaabo gaan gaahi -
Ke rohibe aar dur porobaase.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें।सभी प्लान देखें →Patreon से साइन इन करें