ओ आषाढेर पूर्णिमा आमार, आजि रइले आडाले—
O asharer purnima amar
प्रकृति
ओ आषाढेर पूर्णिमा आमार, आजि रइले आडाले— स्वपनेर आवरणे लुकिये दाँडाले ॥ आपनारइ मने जानि ना एकेला हृदय-आङिनाय करिछ की खेला— तुमि आपनाय खुँजिया फेरो कि तुमि आपनाय हाराले ॥ एकि मने राखा एकि भुले याओया । एकि स्रोते भासा, एकि कूले याओया । कडुवा नयने कडुवा पराने कर लुकोचुरि केन ये के जाने । कडुवा छायाय कडुवा आलोय कोन् दोलाय ये नाडाले ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
O aasharer purnima aamar, aaji roile aarale - Swaponer aaborane lukiye daarale. Aaponari mone jaani na ekela hridayo-aanginaya koricho ki khela - Tumi aaponaay khnujia phero ki tumi aaponaay haarale. Eki mone raakha eki bhule jaawa. Eki srote bhaasa, eki kule jaawa. Kabhuba nayone kabhuba parane karo lukochuri keno je ke jaane. Kabhuba chhaayay kabhuba aaloy kon dolaay je naarale.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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