ओगो आमार चिर-अचेना
Ogo amar chiro achena
प्रेम
ओगो आमार चिर-अचेना परदेशी, क्षणतरे एसेछिले निर्जन निकुञ्ज हते किसेर आहवाने॥ ये कथा वलेछिले भाषा वुझि नाइ तार, आभास तारि हृदय़े वाजिछे सदा येन काहार वाँशिर मनोमोहोन सुरे॥ प्रभाते एका वसे गेँथेछिनु माला, छिल पड़े तृणतले अशोकवने। दिनशेषे फिरे एसे पाइ नि तारे, तुमिओ कोथा गेछ चले– वेला गेल, हल ना आर देखा॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ogo aamar chiroachena parodeshi, Khanotare esechhile nirjano nikunjo hote kiser aahwane. Je katha bolechhile bhaasa bujhi naai taar, Aabhas taari hridaye baajichhe sada Jeno kaahar bnaashir monomohan sure. Probhate eka bose gnethechhinu maala, Chhilo pare trinotale ashokbone. Dinosheshe phire ese paai ni taare, Tumio kotha gecho chole - Bela gelo, holo na aar dekha.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 194(প্রেম)
- उप-पर्याय
- प्रेम्-बोइचित्र(প্রেম্-বোইচিত্র)
- राग
- भिम्पलसि(ভীমপলশ্রী)
- ताल
- अर्ध झप्ताल(অর্ধ ঝাঁপতাল)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- प्रकाशित
- प्रोबसि(প্রবাসী)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५९(স্বরবিতান ৫৯)
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1937(১৩৪৪)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।