गीत / Puja

ওহে জীবনবল্লভ (ওহে জীবনবল্লভ, ওহে সাধনদুর্লভ)

Puja
४८०

ओहे       जीवनवल्लभ, ओहे
साधनदुर्लभ,

आमि      मर्मेर कथा अन्तरव्यथा
किछुइ नाहि कव–

शुधु        जीवन
मन चरणे दिनु वुझिय़ा लहो सव।

     आमि की आर कव॥

एइ
संसारपथसङ्कट अति कन्टकमय़ हे,

आमि      नीरवे याव हृदय़े लय़े
प्रेममुरति तव।

     आमि की आर कव॥

     सुख दुख सव तुच्छ करिनु प्रिय़
अप्रिय़ हे–

तुमि       निज हाते याहा
सँपिवे ताहा माथाय़ तुलिय़ा लव।

     आमि की आर कव॥

     अपराध यदि क’रे थाकि पदे, ना
करो यदि क्षमा,

तवे      परानप्रिय़, दिय़ो हे दिय़ो
वेदना नव नव।

तवु       फेलो ना दूरे,
दिवसशेषे डेके निय़ो चरणे–

     तुमि छाड़ा आर की आछे आमार
मृत्यु-आँधार भव।

     आमि की आर कव॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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