ओहे सुन्दर, मरि मरि
Ohe sundar mori mori
पूजा
५३० ओहे सुन्दर, मरि मरि, तोमाय़ की दिय़े वरण करि॥ तव फाल्गुन येन आसे आजि मोर परानेर पाशे, देय़ सुधारसधारे-धारे मम अञ्जलि भरि भरि॥ मधु समीर दिगञ्चले आने पुलकपूजाञ्जलि– मम हृदय़ेर पथतले येन चञ्चल आसे चलि। मम मनेर वनेर शाखे येन निखिल कोकिल डाके, येन मञ्जरीदीपशिखा नील अम्वरे राखे धरि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ohe sundaro mori mori, Tomay ki diye baron kori. Tabo phaalgun jeno aase Aaji mor paraaner paashe, Dey sudhaarasodhaare-dhaare Mamo anjali bhori bhori. Modhu somir diganchale Aane pulakopujanjali - Mamo hridayer pathotale Jeno chanchal aase choli. Mamo moner boner shaakhe Jeno nikhilo kokilo daake, Jeno manjorideeposhikha Nilo ambare raakhe dhori.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1916(১৩২৩)
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