ওই) ভাঙল হাসির বাঁধ
Oi bhanglo hasir badh
Prakriti
ओइ) भाङल हासिर वाँध । अधीर हये मातल केन पूर्णिमार ओइ चाँद ॥ उतल हाओया क्षणे क्षणे मुकुल-छाओया वकुलवने दोल दिये याय, पाताय पाताय, घटाय परमाद ॥ घुमेर आँचल आवुल हल की उल्लासेर भरे । स्वपन यत छडिये प'ल दिके दिगन्तरे । आज रातेर एइ पागलामिरे वाँधवे व'ले के ओइ फिरे, शालवीथिकाय छाया गेँथे ताइ पेतेछे फाँद ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Oi) bhaanglo haasir bnaadh. Adheer hoye maatlo keno purnimar oi chnaad. Utal haawa haawa khane khane mukulchhaawa bokulobone Dol diye jaay, paatay paatay ghatay paromad. Ghumer aanchol aakul holo ki ullaaser bhare. Swapon jato choriye polo dike digantare. Aaj raater ei paaglamire bnandhbe bale ke oi phire, Shaalbithikay chhaaya gnethe taai petechhe phnaad.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prakriti · 221(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- Basanta
- राग
- Mishra-Desh
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- संकलन
- Basanta
- स्थान
- Shantiniketan
- स्वरबितान खण्ड
- 6 (Basanta)
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 2 February 1923(২০ মাঘ ১৩২৯)
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