गीत / प्रेम और प्रकृति

ओकि सखा, मुछ आँखि।

O ki sokha muchho ankhi

प्रेम और प्रकृति
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ओकि सखा, मुछ आँखि।    आमार तरेओ काँदिवे कि!

     के आमि वा
!    आमि अभागिनी– आमि मरि ताहे दुख किवा॥

पड़े छिनु चरणतले– दले गेछ, देख नि चेय़े।

गेछ गेछ, भालो भालो– ताहे दुख किवा॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

O ki sakha, muchho aankhi. Aamar tareo knaadibe ki !
Ke aami ba ! Aami abhaagini -   aami mori tahe dukh kiba.
Pore chinu charonotale -   dole gechho, dekho ni cheye.
Gechho gechho, bhaalo bhaalo -   taahe dukh kiba.